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जब रॉयल्टी के लिए मोहम्मद रफी और राज कपूर से लड़ गई थीं लता दीदी, उन्हीं की बदौलत आज सिंगर्स को होती...

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जब रॉयल्टी के लिए मोहम्मद रफी और राज कपूर से लड़ गई थीं लता दीदी, उन्हीं की बदौलत आज सिंगर्स को होती है मोटी कमाई
Feb 6th 2022, 08:12

भारत की स्वर गोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) इस दुनिया को अलविदा कह गई हैं। रविवार 6 फरवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्‍पताल में उन्होंने आखिरी सांस (Lata Mangeshkar Passed Away)। सुर साम्राज्ञी का दुनिया को छोड़ जाना दिल तोड़ गया है। लता दीदी अपने गानों और सुरीली आवाज के लिए तो जानी ही जाती हैं, इसके अलावा उन्हें बॉलीवुड में गानों से कमाई को लेकर एक अहम बदलाव के लिए भी जाना जाता है। लता मंगेशकर ही थीं, जिन्होंने सिंगर्स की रॉयल्टी को लेकर आवाज उठाई थी। वह इस अधिकार के लिए इतनी अटल थीं कि उन्होंने राज कपूर और मोहम्मद रफी से लड़ाई तक कर ली थी।

लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) दक्षिण मुंबई के पेडर रोड स्थित प्रभु कुंज बिल्डिंग में रहती थीं। जनवरी में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद लता मंगेशकर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में वह न्यूमोनिया से पीड़ित हो गईं।


Lata Mangeshkar News: जब रॉयल्टी के लिए मोहम्मद रफी और राज कपूर से लड़ गई थीं लता दीदी, उन्हीं की बदौलत आज सिंगर्स को होती है मोटी कमाई

भारत की स्वर गोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) इस दुनिया को अलविदा कह गई हैं। रविवार 6 फरवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्‍पताल में उन्होंने आखिरी सांस (Lata Mangeshkar Passed Away)। सुर साम्राज्ञी का दुनिया को छोड़ जाना दिल तोड़ गया है। लता दीदी अपने गानों और सुरीली आवाज के लिए तो जानी ही जाती हैं, इसके अलावा उन्हें बॉलीवुड में गानों से कमाई को लेकर एक अहम बदलाव के लिए भी जाना जाता है। लता मंगेशकर ही थीं, जिन्होंने सिंगर्स की रॉयल्टी को लेकर आवाज उठाई थी। वह इस अधिकार के लिए इतनी अटल थीं कि उन्होंने राज कपूर और मोहम्मद रफी से लड़ाई तक कर ली थी।



​क्या कहना था मोहम्मद रफी का
​क्या कहना था मोहम्मद रफी का

रफी साहब का सोचना था कि हम कला के पुजारी हैं। हमने गाना गा दिया, उसका पैसा हमें मिल गया तो फिर उस गाने पर हमारा कोई हक नहीं बनता। जब रॉयल्टी को लेकर गायकों की एक बड़ी मीटिंग हुई तो बहस होने लगी और रफी साहब ने गुस्से में ऐलान कर दिया कि त्रवह आज के बाद लता के साथ गाना नहीं गाएंगे। इस पर लता जी ने भी कह दिया कि वह ही उनके साथ नहीं गाएंगी।



​क्या था रॉयल्टी मुद्दा
​क्या था रॉयल्टी मुद्दा

60 का दशक आते आते लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का रुतबा बहुत बढ़ गया था। हर संगीतकार उन्हें ही अपने गाने में लेना चाहता था। इस समय तक संगीत कंपनियां संगीतकारों को रॉयल्टी देने का काम शुरू कर चुकी थीं, लेकिन गायकों के लिए ऐसा नहीं था। नतीजा, विदेश की तर्ज पर संगीतकार हर साल हजारों रुपये की रॉयल्टी कमाते थे लेकिन गायकों को एक पैसा भी नसीब नहीं होता था। इस पर लता मंगेशकर ने मुहिम छेड़ दी कि यदि संगीतकारों को रॉयल्टी मिलेगी तो गायकों को भी रॉयल्टी मिलनी ही चाहिए। उन्हें उम्मीद थी कि इस विषय पर मोहम्मद रफी उनका समर्थन करेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं।



​मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर के बीच मतभेद
​मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर के बीच मतभेद

युगल गीतों पर रॉयल्टी के भुगतान के मुद्दे पर लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच मतभेद हो गए थे। यह बात मोहम्मद रफी की पुत्रवधु यास्मिन खालीद रफी की किताब 'मोहम्मद रफी : मेरे अब्बा..1 एक संस्मरण' में उल्लिखित है। किताब में यास्मिन ने लिखा, '1960 के दशक के शुरुआत में एक ऐसा भी दौर आया जब लता मंगेशकर ने मोहम्मद रफी के साथ युगल गीत गाना बंद कर दिया था। दोनों के बीच उनकी ओर से गाए गए गानों पर रॉयल्टी के भुगतान पर मतभेद उत्पन्न हो गए थे। लता रॉयल्टी का भुगतान किए जाने के पक्ष में थीं और इस विषय को निर्माताओं के समक्ष भी उठाया।



​3-4 साल नहीं गाया साथ में गाना
​3-4 साल नहीं गाया साथ में गाना

इसके बाद 1963 से लता और मोहम्मद रफी 3-4 साल तक साथ में नहीं आए। इस अवधि में लता ने महेंद्र कपूर के साथ गाना शुरू किया, जबकि सुमन कल्याणपुरी ने रफी के साथ गाना शुरू किया। बाद में संगीतकार जयकिशन के कहने पर रफी साहब ने एक चिट्ठी लिख कर लता से माफी मांग कर मामला खत्म करने के लिए कहा। 1967 में संगीतकार एसडी बर्मन के लिए एक संगीत समारोह में दोनों कलाकारों ने स्टेज पर फिर से साथ में गाना गाया। लता जी की रॉयल्टी को लेकर छेड़ी गई लड़ाई की बदौलत ही अब गायकों और लिरिक्स राइटर दोनों को रॉयल्टी मिलती है, जो सिंगर्स की मोटी कमाई का अहम जरिया है।



​जब राजकपूर से रॉयल्टी को लेकर भिड़ीं
​जब राजकपूर से रॉयल्टी को लेकर भिड़ीं

इसके बाद लता मंगेशकर एक बार फिर रॉयल्टी को लेकर भिड़ गईं और इस बार सामने थे राज कपूर। एक इंटरव्यू में लता दीदी ने बताया था कि राजकपूर संग रॉयल्टी को लेकर झगड़ा हुआ था। मैंने उन्हें कहा था कि मैं रॉयल्टी लेती हूं तो राज कपूर ने कहा कि हम रॉयल्टी नहीं देते। फिर लता जी ने कहा कि मैं तो लेती हूं, साथ ही एक प्रॉडयूसर का नाम भी ले दिया, जिन्होंने रॉयल्टी का पेमेंट किया था। इस पर राज कपूर ने कहा कि आप राज कपूर से उनकी तुलना कर रही हैं, मैं राज कपूर हूं। तो लता ने कहा था, 'मैं यहां बिजनेस करने नहीं आई हूं, मैं गाने आई हूं। मेरे लिए वह भी उतने ही बड़े हैं जितने आप। मैं भी लता मंगेशकर हूं।' राज कपूर रॉयल्टी देने के लिए नहीं माने और लता जी गाने के लिए नहीं मानीं। इसके बाद जब राज कपूर ने एक दो फिल्में की लेकिन बात नहीं जमने पर वह फिर से लता के पास आए और रॉयल्टी दी।



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